निरंतर प्रयास – Delhi Poetry Slam

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निरंतर प्रयास

By Vipul Kumar

पथ पर चलता रह निरंतर
राही लक्ष्योंमुख रह निरंतर।
विजय पराजय से निश्चिंत
युद्ध होता रहे भयंकर।
पथ पर चलता रह निरंतर..............।।

अथक प्रयास करता रह निरंतर
यदि पथ बाधित हो कदम कदम पर
किंतु पग चलते रहे निरंतर।
पत्थर भी कट जाता है
नीर बहता जब निरंतर।
पथ पर चलता रह निरंतर................।।

एक मांझी सा तू है, लेकर आत्मविश्वासी पतवार
जोर लगाता रह निरंतर।
और यह बैरागी सा मन
जोगी बना रहे निरंतर।
कठिन परिश्रम मात्र एक हथियार
न कोई जादू ना कोई मंत्र।
पथ पर चलता रह निरंतर...............।।


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