माँ की ममता – Delhi Poetry Slam

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माँ की ममता

By Sunita Lakhotiya

कीतनी तृप्ती माॅं के मन से
निर्मल झरना तपते  वन से 
सह जाती हर गम खुशी से 
ममता मयी आचल से 
ये माँ का प्यार अनमोल है 
खुशियों का संगम है 
तुमने जीवन महकाया 
मुसीबत मे जीना सिखाया 
साथ छोड देती है दुनिया 
पर वो साथ चलती है 
कैसे भी हालात हो 
माँ कभी नही बदलती है 
ये माँ का प्यार अनमोल है 
खुशियों का संगम है 
रिश्ते को संजोए रखती
आँखो मे करुणा की ज्योती 
मेरी मुस्कान से वो खिलती 
मेरी उदासी से वो रोती
कोमल पुष्प तू है 
हर जख्म का मरहम ही तू है 
माँ को क्या करे अर्पण 
माँ का नाम ही हे समर्पण 
ये माँ का प्यार अनमोल है 
खुशियों का संगम है


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