यादों के खंडर – Delhi Poetry Slam

यादों के खंडर

By Sorav Yadav


रहा मेरा प्यार मुसीबत के गर्दिशों में,
ना रह सका तेरे आँचल के पनाहों में,
ना तू आई, ना मौत आई,
और रह गए तेरी यादों के खंडरों में।


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