लहराया तिरंगा – Delhi Poetry Slam

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लहराया तिरंगा

By Sakshi

आसमां में जब हमारा तिरंगा लहराता है, 
विश्वभर में देश हमारा परचम फहराता है l
जन-गण-मन के स्वर सुनकर, 
दिल में मेरे अलग - सी धड़कन आ जाती है l
और वीर शहीदों की गाथा, 
हर भारतीय के अंदर दीपक जला जाती है l

इतिहास जहाँ का सबसे न्यारा है, 
देश हमारा जान से भी प्यारा है l 
इस धरती ने इतने मुल्कों को ललचाया था, 
पराधीन रहते हुए भी ,
अपनी संस्कृति को ना भुलाया था l 

त्रिवेणी जिसके हृदय में बहती है, 
सर पर हिमालय का ताज पहने है, 
पावों में इसके हिंद महासागर बहता है, 
हम भारतीयों को अपने वतन से प्यारा कुछ नहीं लगता है l

चांद के उत्तरी ध्रुव पर , 
सबसे पहले अपना झंडा लहराया था, 
टी-20 विश्वकप 2024 जीतकर, 
दुनिया को एक सार समझाया था  l
कभी हार ना मानना ये हमारी खूबी है, 
बस जीवन में अंत तक खेलना यही , 
सच्ची कामयाबी हैं l

समानता का सार हमारा संविधान बताता है, 
अनेक बोलियों का हमारा देश कहलाता है l
जय हिंद का नारा जब यहाँ का
हर बच्चा लगाता है, 
हाथ में अपने तिरंगा लेकर लहराता है, 
देश हमारा विश्वभर में परचम फहराता है l


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