मेरा भारत महान – Delhi Poetry Slam

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मेरा भारत महान

By Riddhi Petkar

 

यह है राम और कृष्ण की धरती,
यह है महावीर और गौतम बुद्ध की धरती,
यहाँ मुस्लिम और ईसाई भी हैं अनेक,
अनेकता में एकता है इस धरती की मुख्य धारणा,
भाईचारा और प्रेम है यहाँ की साधना।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है तो मेरा भारत ही महान।

यहाँ की नीति है अतिथि देवो भव,
खुले मन से अनेकों अतिथियों को हमने गले लगाया है।
पुराकाल में आए आर्यन,
तब किया था द्रविड़ों ने दक्षिण की ओर पलायन।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है तो मेरा भारत ही महान।

किन्तु न समझना हमारी उदारता को कमजोरी,
हमने भेजा था एलेक्ज़ेंडर द ग्रेट को वापस।
यह धरती है अनेकों साम्राज्य और सम्राट की,
यह रियासत है अशोक और शिवाजी की।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है तो मेरा भारत ही महान।

दूर देशों से आए थे मुग़ल,
जिनके वंशज अकबर ने भूमि को नई दिशा दी।
फिर आई वह अंधेरी रात,
जिसने झकझोर कर रख दिया हमें,
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है तो मेरा भारत ही महान।

उस अमावस्या की छाया थे वे क्रूर अंग्रेज,
पूर्णिमा लाने का कार्य सौंपा गया एक वीरांगना को।
जो थी खूब लड़ी मर्दानी,
क्योंकि वह तो झांसी वाली रानी थी।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है तो मेरा भारत ही महान।

कुलदीपक आया हमारे इस भारतवंशज का,
जहाँ जाता था वहीं अपनी लकीर खींचता चला जाता,
था वह शांति का संत,
जिसने हमें दिशा दिखाई अहिंसा और सत्याग्रह की।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है तो मेरा भारत ही महान।

न जाने कितनों ने दी आहुति अपनी,
अंग्रेजों की बेड़ियों से भारत माँ को मुक्त करने को।
आख़िरकार मिली सन 1947 में आज़ादी हमें,
थी वह खुशी सिर्फ़ नाम की,
क्योंकि बंट गए थे दो भाई,
हिंदुस्तान और पाकिस्तान हमेशा-हमेशा के लिए।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है तो मेरा भारत ही महान।

चेहरे बदले, नारे नए गाए,
पर जंजीरों के घाव नहीं भरे।
वह दो बिल्लियाँ झगड़ती गईं,
बंदर बदलता गया,
और रोटी वह चुराता गया।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
क्या सच में है मेरा महान?

है मुझे फिर भी भरोसा इस लोकतंत्र पर,
अडिग है मेरा विश्वास भारत माँ की संतानो पर।
सदियों की आँधियाँ भी मिटा ना पाईं हमें,
यह कर्मभूमि है,
और न्याय यहाँ सदा रहेगा।
चाहे कहो आर्यावर्त, जंबूद्वीप, इंडिया या हिंदुस्तान,
है मेरा भारत महान।


3 comments

  • यह कविता भारत की महानता, विविधता और आत्मा का सजीव चित्रण है — जहाँ इतिहास का गौरव, वर्तमान की चेतना और भविष्य की आशा एक साथ झलकती है। यह रचना सच्चे अर्थों में “भारत महान” की भावपूर्ण अभिव्यक्ति है।

    Mrs Sapna
  • यह कविता भारत की अतीत की महिमा, वर्तमान की चुनौतियाँ और भविष्य की आशा — तीनों को समेटे हुए एक अद्भुत राष्ट्रगान जैसी रचना है।
    भाव, भाषा और विचार – तीनों स्तरों पर यह कविता “भारत महान” की सच्ची अभिव्यक्ति है।

    Dr Sandeep Petkar
  • Very Beautiful poem on our motherland, heart touching ❤️
    जय हिंद 🇮🇳🇮🇳

    Chaitali Petkar

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