यकींन – Delhi Poetry Slam

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यकींन

By Poonam Jagtap 

यकींन!! उसका सफर आसान नहीं होता, 
जो करे अपने आप पर वो कभी नाकामीयाब नहीं होता !

ना सोच कभी की यकींन करू की नहीं, 
बस यकींन कर अपने काबो पर वो तुझे टुटने नहीं देंगे किसी भी हालत पर, 
और मजबूत कर अपने इरादो को वो तुझे रुकने नहीं देगे किसी भी मुकाम पर !

जो ठाना हैं वो तुझे करके दिखाना हैं, 
दुसरो को अपनी काबिलियत पर यकींन दिलाना हैं, 
फिर से कहती हूँ यकींन करो खुद पर, 
उसके सिवा तुमसे ना हो पाएगा कुछ भी हर पल !

ना सोच खुद को कमजोर
यकींन कर अपने जस्बे पर, 
वो खिच कर लेके चला हैं
तेरी मंजील पर !

ना कभी कहना कभी भी
मुझसे ना हो पाएगा कभी भी, 
ना ऐसा सोचना कभी भी, 
बस खुद पर यकींन करना
की मैं ही हुँ विजेता आरंभ से ही  !!


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