लोग है ना – Delhi Poetry Slam

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लोग है ना

By Karan Bardia

 

तू अपनी ख़ूबियां धूंढ,
कमियां निकालने के लिए लोग हैना
अगर रखना है कदम तो आगे रख,
पीछे खींचने के लिए लोग हैना,
तू डट कर अपना करम करते जा,
तुझे रास्ते से भटकाने के लिए लोग हैना,

सपने देखने हैं तो उँचाइयों के देख,
तुझे नीचा दिखाने के लिए लोग हैना,
करना है तो कुछ नामुमकिन कर के दिखा,
मुमकिन काम करने के लिए लोग हैना,
भड़का दे खुद में तो मेहनत और कुछ कर जाने की चिंगारी,
तुझसे जलने के लिए लोग हैना।

अगर तुझे बनाने है तो यादें बना,
बातें बनाने के लिए लोग हैना,
जितना हो सके उतना खुश रह के दिखा,
तुझे दुख देने के लिए लोग हैना,
तू सिर्फ़ अपनी खूबियों को देख,
कमियां गिनवाने के लिए लोग हैना।

तू प्यार कर तो खुद से कर,
दुश्मनी करने के लिए लोग हैना,
विश्वास करना है तो खुद पे कर,
धोखा देने के लिए लोग हैना,
तू बस खुद से रिश्ता रख,
रिश्तों को तोड़ने के लिए लोग हैं।

हमेशा बच्चा बन कर रह तू,
समझदार बनाने के लिए लोग हैना,
अपनी मासूमियत को चेहरे से मत जाने दे,
तुझे दुनियादारी दिखाने के लिए लोग हैना,
जीतना है तो खुद से जीत,
बाकी तुझे हारने के लिए लोग हैना।

तू बस खुद को सवार ले,
ज़िंदगी का आईना दिखाने के लिए लोग हैना,
तू अपनी कमज़ोरियां छुपा कर रख,
तेरी कमज़ोरियों का मज़ाक बनाने के लिए लोग हैना
तू खुद की एक अलग पहचान बना,
भीड़ में चलने के लिए लोग हैना।


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