By Brahm Dayal

आज जब मैं देखता हूँ तुम्हे बड़ा होते हुए,
एकाएक मेरे दिल में ख्याल आता है कि
मैं ही तो हूँ जो तुझमें बड़ा हो रहा हू||
हुआ करता था जैसा मैं कभी|
दिखाई तो देती है तू वैसी अभी||
दिखाई देता है वही अल्लड़पन, मासूमियत और दिमागी पैनापन।
एहसास कराती है लोगो को मेरे जैसा ही अपनापन।।
ऐसी अनुभूति को जब अनुभव करता हूँ, तो सोचता हूँ कि
सोने सा कसौटी पर खरा हो रहा हूँ।
मैं ही तो हूँ जो तुझमें बड़ा हो रहा हूँ।।
पायी थी मैंने भी काम उम्र में लोगो की तालिया
तू भी पा रही है, तो चोचता हूँ कि
गिरा - पड़ा सा मैं फिर से खड़ा हो रहा हूँ|
मैं ही तो हूँ जो तुझमें बड़ा हो रहा हूँ ||
हैं कमियाबियों के पहाड़ तुझे भी मेरी तरह चढ़ना,
ऐसे ही पहाड़ों पर चढ़ते हुए देखता हूँ तो सोचता हूँ कि
कहा मैं अभी बूढ़ा हो रहा हूँ!
मैं ही तो हूँ जो तुझमें बड़ा हो रहा हूँ ||
सतायेंगे लोग तुझे भी मेरी तरह
जब शालीनता से उनको मूक जवाब दे रही है, तो सोचता हूँ कि
मैं फिर उनकी रह का रोड़ा बन रहा हू।
मैं ही तो हूँ जो तुझमें बड़ा हो रहा हू।।
मैं जानता हूँ, कोई मूल्ये नहीं है तेरी-मेरी सफलताओं का उनकी नज़रों मे।
आपने आप को आमूल्ये बना रही है तू तो सोचता हूँ कि
मैं सूखा सा वृक्ष फिर से हरा हो रहा हू।
मैं ही तो हूँ जो तुझमें बड़ा हो रहा हू।।
आज जब मैं देखता हूँ बड़ा होते हुए,
एकाएक मेरे दिल में ख्याल आता है कि
मैं ही तो हूँ जो तुझमें बड़ा हो रहा हू|
बहुत ही सुंदर पंक्ति।
जो एक पिता ही लिख सकता है
Very touching poem…Keep it up
Blessings
What a heart touching poetry. Really amazing brother 👏
एक सर्जन और ऐसी मार्मिक कविता. मान गए भाई साहब. दिल को छू गई. आपको बहुत बधाई. 💐
Congratulations 🎉 sir
I am surprised to see you as a Poet,your faminine ideology, father and daughter relationship, Great keep it up !
Lovely poem by a lovely person 💐 It’ s the fact of live we see our childhood through children 💕
Lovely poem by a lovely person 💐 It’ s the fact of live we see our childhood through children 💕
ये कविता पढ़ कर एहसास होता है बचपन का और अपने बच्चों में उसको देख कर एक खुशी का एहसास
Very Nice expression of feelings .
This poetry so good its written by our classmate Friend doctor bhiram dayal. He is a good social man👍 and thanks for you published
Thanku so.much.
It is my favorite poem written by my husband gor my daughter. He love her so much .Thanks for publish.