Aagosh – Delhi Poetry Slam

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Aagosh

By Devansh Krishna

बहुत अजीब से होते हैं न ये जज़्बात चाह कर भी आप कह नहीं पाते,

दिल में घर किए ख्यालों को साँझा नहीं कर पाते,

मन तो बहुत होता है कहने का पर क्या करे,

डर के आगोश में आकर अपनी ही बातों को समज नहीं पाते,

सिमट से जाते हैं जब कोशिश करते हैं कहने की,

कहीं उनको बुरा ना लग जाए इसीलिए,

उनके साथ बिताये खूबसूरत लम्हों को ही जगह देदेते हैं इस दिल में रहने की।

-देवांश कृष्ण


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