Dosti – Delhi Poetry Slam

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Dosti

By Anushka More

चूनींदा लोगोको दोस्त केहती हू मैं!

अगर मैने दोस्त केहदिया,
तो बेफिकीर रहना!

सामने नहीं, मगर पिठ पीच्छे,
रीश्तो का मान, रखती हुं मैं !

अगर कभी टूटी दोस्ती,
तभी , तुम्हारा स्ममान करूंगी मैं!

दोस्त केहदीया मैने,
तो बेफिकीर रेहना!

दोस्ती टूटनेके बादभी,
तुम्हारे सारे राज ,राज रखुंगी मैं!

सारे रीश्ते कुच्छ इस कदर निभाती हुं मैं!
सामने नहीं, मगर पिठ पीछे रीश्तो का मान रखती हुं मैं!


अनुष्का मोरे💝✨


1 comment

  • Maz number aala ka

    Anushka more

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