मोहब्बत करते हो – Delhi Poetry Slam

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मोहब्बत करते हो

By Poonam Jain
मोहब्बत करते हो तो एक दूसरे को 
कोसना नहीं समझना सिखो
रूठना और मनाना सिखो ।
माना! माना  झगड़े हर जगह होते हैं,
लेकिन झगड़ों को सुलझाकर ,
रिश्तों को संभालना सिखो ,
मोहब्बत करते हो तो कोसना नहीं समझना सिखो।
माना ! माना जो वो सोचती है ,
ग़लत सोचती है ,
लेकिन नजरंदाज कर गलतियों को 
रिश्तों को संभालना सिखो, 
मोहब्बत करते हो तो कोसना नहीं समझना सिखो।
माना ‌! माना जो छोड़ दिया उसने तुमको,
ग़लत किया उसने,
लेकिन भूल उन बातों को
फिर एक होने का सोचो ,
रिश्तों को संभालना सिखो,
मोहब्बत करते हो तो ‌कोसना नहीं समझना सिखो।

1 comment

  • Awesome lines❤

    Palak Agarwal

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