मेरी शक्ति मेरे तीन यार हैं

मैनेंं दुनिया से पाए दो परिवार हैं
एक माता पिता दूसरे मेरे तीन यार हैं
माना इनकी मनोदशा के कई प्रकार हैं
लेकिन मुझे शक्ति मिलती इनसे बेशुमार है
मेरी शक्ति मेरे तीन यार हैं
पहली की मुसकान ही उसकी पहचान है
सदा हँस कर परेशानी को सुलझाना
सिखाया उसने मुझे हर बार है
वो लङकी मेरा प्यार है
हाँ मेरी शक्ति मेरे तीन यार हैं
दूसरी को अपने आत्मसम्मान से बहुत प्यार है
हम सबमें वो ही सबसे समझदार है
सबकी बातें समझ जाती वो यार है
इसलिए हमने "बेस्ट एडवाइजर" का दिया उसे खिताब है
हाँ मेरी शक्ति मेरे तीन यार हैं
तीसरी बिल्कुल खुशमिजा़ज है
उसके पास बातों का भंडार है
वो मोटू सी बहुत मुलायमदार है
दिखाती नहीँ पर रखती सबका खयाल है
मेरी मोटू बिल्कुल बेमिसाल है
हाँ मेरी शक्ति मेरे तीन यार हैं
तीनों ने मुझे कुछ ना कुछ सिखाया है
हँसना रोना लङना सब इनके साथ है
गिर कर उठना भी इनहोने ही बताया है
ना जाने कितनी बार मेरे गुस्सा होने पर मुझे मनाया है
'छोटे बच्चे' का दिया मुझे खिताब हैं
हाँ मेरी शक्ति मेरे तीन यार हैं।
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This poem won in Instagram Weekly Contest held by @delhipoetryslam on the theme 'My Superpower'

4 comments

  • it’s great

    Divyanshi Mittal
  • nice 😊

    Iti
  • 👏👏👏

    Anup
  • :-)

    Manpreet kaur

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