मुझे जब याद आता है – Delhi Poetry Slam

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मुझे जब याद आता है

Pallavi

कि दिल तब भर सा जाता है
तू, मुझे जब याद आता है
तेरा हंसना, हसके कहना
कि तू प्यार करता है
इंतज़ार मेरी हां का
दावा ऐतबार करता है
कि जब तू नहीं है अब
तेरा होना याद आता है
कि दिल तब भर सा जाता है
तू, मुझे जब याद आता है
मेरा हर गम मैनें हर पल
हर वक्त तुझसे बांटा था
तू बातें खूब करता था
हुनर सुनने का उससे ज्यादा था
सुनाते अब भी बातें हैं
तेरा सुनना याद आता है
कि जब तू नहीं है अब
तेरा होना याद आता है
तेरी फितरत थी वो, 
जिसपर हम फ़िदा हो गये
तुझे खुद से मुहब्बत थी बहुत
हम खुद से जुदा हो गये
अब रूह, राहें सब अलग
साथ का वो ज़माना याद आता है
कि जब तू नहीं है अब
तेरा होना याद आता है
किसी के लिए खुद को भूल जाना
तो गलत होता है
बीच सफर छोड़ने का भी
एक वक्त होता है
किसी के साथ में भी मुमकिन है
कि जीत लो दुनिया सभी
बस सोचना ये, कह न पाना याद आता है
कि जब तू नहीं है अब
तेरा होना याद आता है
बे-वक्त किसी के आने से डरने लगे हैं
हम दोस्ती भी बहुत सोच के करने लगे हैं
कोई गुज़रता भी है अगर, इन दिल की गलियों से
दाफतन तेरा छोड़ के जाना याद आता है
कि दिल तब भर सा जाता है
तू, मुझे जब याद आता है

1 comment

  • Wonderful… Real feelings..

    Pramod

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