उस दिन के लिए – Delhi Poetry Slam

Submit your poems to Wingword Poetry Competition 2026 ✍️🥇

उस दिन के लिए

By Sweta Jain
मां!
आज आपसे प्यार भरा कुछ नहीं कहना चाहती,
आज बस आपसे माफी मांगना चाहती हूं,
उस दिन के लिए,जब मैंने  किसी और का गुस्सा आप पर निकाल दिया था,
उस दिन के लिए,जब गुस्सा होकर मै बिना खाएं घर से निकल गई थी,
उस दिन के लिए,जब मैंने आपकी मजबूरी के बारे में नहीं,सिर्फ अपनी जिद्द के बारे में सोचा था,
उस दिन के लिए,जब अपनी किस्मत के लिए आपको कोसा था,
उस दिन के लिए,जब मैंने आपसे झूठ बोला था कि मैं कॉलेज से देर से क्यों आईं थीं,
उस दिन के लिए,जब मैंने आपकी अंग्रेज़ी का मजाक उड़ाया था,
उस दिन के लिए,जब आपके प्यार से बनाए खाने में मैंने कसूर निकाला था,
उस दिन के लिए,जब मैंने आपकी डाट में भला नहीं देखा था,
उस दिन के लिए,जब मैंने आपकी चिंता को जासूसी समझा था,
उस दिन के लिए,जब मेरी वजह से आपको आैरो के सामने शर्मिंदा होना पड़ा था,
और उन सभी दिनों के लिए जब मैंने आपका दिल दुखाया था।
माफ़ तो शायद आपने मुझे हर अगले पल ही कर दिया होगा,
शायद मेरे बिना माफी मांगे ही माफ़ कर दिया होगा,
क्योंकि आपके लिए मेरे प्रति प्यार और ममता,
मेरी उन सभी गलतियों से बहुत बड़ा था,
और आपका दिल शायद उससे भी बड़ा।
-------------------------------------------------------------------------------------------
This poem won in Instagram Weekly Contest held by @delhipoetryslam on the theme 'My Sincerest Apologies' 

Leave a comment

Please note, comments must be approved before they are published